नवजात शिशु को संवारने के कुछ तरीके

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Simranjit Kaur

Simranjit Kaur

Mother of one, Master of Education with specialization in child-psychology. After becoming mother, I met with real me. I am now learning new concepts of parenting every fresh day and sharing my experiences with other mothers. I believe, one of the most important things that you, as a parent, should work on is - your child's psychology. Understanding the child-psychology will help you build stronger bonds and know them better.

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शिशु को सजाना-सवारना एक बहुत ही मुश्किल काम है, ख़ासतौर पर तब, जब आप किसी नवजात शिशु को सवारना चाहते हो। ऐसे मे अपने शिशु को सवारते वक़्त ना तो किसी ग़लती के लिए कोई जगह होती है और ना ही हम अपने शिशु को खराब हालत मे रखना पसंद करेंगे। इसलिए, इस लेख के ज़रिए मैं आपसे नवजात शिशु को संवारने के कुछ तरीके बाँटना चाहूँगी।

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बच्चे के मसूड़े – नवजात शिशु को संवारने के कुछ तरीके

बच्चे के मसूड़े

आइए सबसे पहले शिशु के मसूड़ों के बारे मे बात करते है। आशा है कि आप इतना तो जानती होंगे कि आपको नवजात शिशु के मसूड़ों पर किसी किस्म की सख़्त चीज़ का इस्तेमाल नहीं करना है। यहाँ आप मसूड़ों की सफाई के लिए खासतौर पर फुड ग्रेड का सिलिकन से बना हुआ फिंगर ब्रश इस्तेमाल कर सकती है

ऐसा करने से एक तो आप अपने शिशु को दाँतों की सफाई की आदत डाल देंगे और दूसरा आपके शिशु को दाँतों की सफाई सम्बंधित भविष्य मे कोई दिक्कत नही होगी। ध्यान रखे कि जब तक आपके शिशु के दाँत नही आते तब तक आपको किसी किस्म के टूथपेस्ट की भी ज़रूरत नही होती।

अपने शिशु के लिए तो मैं दिन मे दो बार इस फिंगर ब्रश से ही सफाई करती थी और मैने तब तक टूथब्रश का इस्तेमाल नही किया जब तक मेरे शिशु के पूरे दाँत नही आए।

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नाक की सफाई – नवजात शिशु को संवारने के कुछ तरीके

नाक की सफाई

मेरे बाल रोग विशेषज्ञ ने मुझे बताया की शिशु की नाक की सफाई बहुत ही जरूरी है। उसने मुझे बताया कि बंद नाक का मतलब है शिशु को सांस लेने मे परेशानी। उससे मैने यह भी जाना कि नवजात शिशु सिर्फ़ नथुनो से ही साँस लेना जानते है और अगर यह साफ नहीं है तो आपके शिशु को सांस लेने मे तकलीफ़ हो सकती है।

नाक की सफाई के लिए आपके पास कई तरीके है जैसे नाक का स्प्रे, बल्ब सरिंज, नेज़ल आस्पिरेटर्स, और स्टीम क्लीन।

मैने अपने शिशु के लिए दो तरीक़ो का इस्तेमाल किया; स्टीम क्लीनिंग और बल्ब सरिंज। स्टीम क्लीनिंग के लिए आपको आपने बाथरूम को स्टीम से भर लेना है। ऐसा करने के लिए आपको कुछ देर के लिए बाथरूम मे गरम पानी का शॉवर खुला छोड़ देना है। इससे बाथरूम मे स्टीम बन जाएगी और फिर शॉवर की बंद करके अपने शिशु को अंदर ले कर जाना है। ऐसा करने से शिशु की नाक मे जो भी बलगम इत्यादि जमा है वो गर्मी से बह कर निकल जाएगी।

दूसरा तरीका है बल्ब सरिंज। इसके लिए आपको एक बल्ब सरिंज चाहिए होगी जैसी फोटो मे दिखाई गई है। इसको खरीदते वक़्त इस बात का खास ध्यान रखे कि इसका आकार आपके शिशु के नथुनो के हिसाब से ठीक हो।

सफाई के लिए आपको बल्ब सरिंज को हाथ मे इस तरह से पकड़ना है कि आप बल्ब को अपनी तर्जनी उंगली और अंगूठे से दबा सके। आपको उसको दबा के रखना है ताकि बल्ब सरिंज मे से सारी हवा निकल जाए। आपको उस बल्ब सरिंज को दबाए रख कर शिशु के नथुनो के पास ले कर आना है और फिर धीरे से बल्ब सरिंज को ढीला छोड़ देना है। ऐसा करने से सारी बलगम उस बल्ब के अंदर भर जाएगी और शिशु का नाक साफ हो जाएगा। अगर एक बार मे साफ ना हो तो आप इसी प्रक्रिया तो दुबारा भी कर सकते है।

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कान की सफाई – नवजात शिशु को संवारने के कुछ तरीके

कान की सफाई

कान की सफाई पर बात करने से पहले मैं आपको बताना चाहूँगी कि बहुत से लोग कान के बीच जमने वाले वैक्स को साफ करने की कोशिश करते है। मेरे बाल रोग विशेषज्ञ ने मुझे बताया कि वैक्स के बारे मे चिंतत होने की तब तक कोई ज़रूरत नही है जब तक उसकी वजह से शिशु को सुनने मे कोई परेशानी आ रही हो।

मेरे बाल रोग विशेषज्ञ ने मुझे बताया कि कानो की वैक्स की वजह से ही नमी, धूल और बैक्टीरिया कानो के अंदर नही जा सकती। इसलिए कान की सफाई के लिए आपको दोनो कान सिर्फ़ पीछे से और बाहर से साफ करने है।

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नाख़ून – नवजात शिशु को संवारने के कुछ तरीके

नाख़ून

अगर आप नही जानते तो मैं आपको बताना चाहूँगी कि नवजात शिशुओं के नाखूनो मे बहुत तेज़ी से वृधि होती है। और यहाँ पर मैं यह भी बता देना चाहती हूँ कि नाख़ून ही बच्चे के मुँह पर, आँखों के पास, और नाक के पास होने वाले घाव और खरोंचो के कारण होते है।

मुझे अभी भी याद है किस तरह मेरी बेटी अपने नाखूनों से अपनी गालों और मुँह पर खरोंच लिया करती थी।

यहाँ पर आपको एक नाख़ून काटने वाले क्लिपर की जरूरत है। नाख़ून काटते वक़्त इस बात का ध्यान रखे कि आप नाख़ून को ज़्यादा गहरा नहीं काट रहे हो; सिर्फ़ नाख़ून का सफेद भाग ही काटना है।

मैं हाथों के नाख़ून महीने मे 4-5 बार काटती थी और पैरों के महीने मे एक बार।

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बाल काटना – नवजात शिशु को संवारने के कुछ तरीके

बाल काटना

बाल काटना या ना काटना सबकी अपनी अपनी पसंद हो सकती है। ज़्यादातर मातापिता लड़कियों के बाल काटने के पक्ष मे नहीं होते और कई बार धार्मिक कारण भी इसकी मंज़ूरी नही देते। फिर भी अगर आप अपने शिशु के बाल कटवाना चाहती हैं तो किसी ऐसे सलून का चयन करे जहाँ पर साफसफाई का खासतौर पर ध्यान रखा जाता हो।

आपको अपने शिशु को अपनी गोदी मे उठा लेना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से आपका शिशु बाल कटवाते वक़्त सुरक्षित और आरामदायक महसूस करेगा। इसके साथ ही बाल काटने वाले को भी अपना काम करने मे आसानी रहेगी।

जब भी आप अपने शिशु के पहली बार बाल कटवाए तो उस पल को यादगारी बनाना ना भूले। मेरे मतलब है कि फोटो लेना ना भूले।

आशा करती हूँ कि आपको यह तरीके पसंद आए होंगे अगर आपके पास भी शिशु को संवारने के कुछ तरीके हो तो हमसे जरूर सांझे करे।

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