स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए लाभकारी आहार

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Foods To Increase Breast Milk Supply
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उम्मीद करती हूँ कि आपने मेरा “स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए क्या किया जाए” लेख अवश्य पढ़ा होगा। उस लेख में मैंने कुछ ऐसी तकनीकों के बारे में बात की थी, जिन के इस्तेमाल से स्तनों के दूध को बढ़ाया जा सकता है। आज इस लेख के माध्यम से, मैं स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए लाभकारी आहार के बारे में बात करुँगी। मुझे इनके मिश्रति इस्तेमाल से काफी फायदा हुआ। उम्मीद करती हूँ कि यह आहार आपके लिए भी लाभकारी सिद्ध होंगे।

1. फेनुग्रीक या मेथी के बीज

मुझे पता है कि आप मेथी के बीज का नाम सुनते ही चिढ गई होंगी। आमतौर पर मेथी महिलाओं को पसंद नहीं होती। पर यकीन मानिए, मेथी के बीज जैसा कोई दूसरा आहार नहीं है, जो स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए इसके जितना लाभकारी हो। वैसे भी, दशकों से मेथी के बीज का उपयोग स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है।

हालांकि, इसके सेवन के परिणाम तुरन्त ही सामने नहीं आते। शोधकर्ताओं ने साबित किया है कि कुछ मामलों में माताओं के लिए इसके परिणाम 24 घंटे बाद ही सामने आ गए थे, परन्तु अन्य मामलों में माताओं को दूध में वृद्धि के लिए एक से दो सप्ताह तक इंतजार करना पड़ा।

मैंने मेथी के बीज को अच्छी तरह पीस के पाउडर बना लिया था। मैं रोज़ सुबह इस पाउडर के दो चम्मच गुनगुने पानी के साथ लेती थी। मुझे इससे काफी लाभ हुआ। आप भी इसे आज़माएं और इससे होने वाले बदलाव को खुद महसूस करें।

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2. ऐस्पैरागस या शतावरी

मेथी के बीज की तरह, शतावरी का उपयोग भी सदियों से एक जड़ी बूटी के रूप में न केवल कई रोगों को ठीक करने के लिए, बल्कि स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए भी किया जा रहा है। शतावरी दो तरह से काम करता है। एक तो स्तनों के दूध में वृद्धि करता है और दूसरा स्तनों के दूध की गुणवत्ता बढ़ाने में भी बहुत लाभकारी सिद्ध होता है।

स्तनपान विशेषज्ञों के मुताबिक, शतावरी (पाउडर) का एक चम्मच, गर्म दूध के गिलास में मिलाकर सुबह नाश्ते के साथ लेने से काफी लाभ हो सकता है।

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3. दलिया या ओटमील

स्तनों के दूध को बढ़ाने के लिए दलिया भी एक अच्छा उपाय है। एक तो यह महिलाओं के स्वस्थ के लिए बहुत बढ़िया है, और दूसरे, इसके नियमित इस्तेमाल से स्तनों के दूध में बढ़ोतरी भी होती है।

कई स्तनपान विशेषज्ञों का सुझाव है कि अगर आप स्तनपान करवा रही है, तो दिन में कम से कम एक कटोरा दलिया अवश्य खाएं।

इसके इस्तेमाल के परिणाम भी मिश्रित हैं। जहाँ कुछ महिलाओं को इसके इस्तेमाल से बहुत लाभ हुआ है, वहीँ दूसरी ओर कुछ को इससे कुछ खास लाभ नहीं हुआ।

हालांकि दलिया मेरे भी नाश्ते का एक ज़रूरी हिस्सा था, परन्तु यह कहना कि सिर्फ दलिये की वजह से मेरे स्तनों के दूध में बढ़ोतरी हो गई, मेरे लिए थोड़ा मुश्किल होगा।

मेरे लिए किसी एक आहार को पूरा श्रेय देना कठिन इसलिए भी है क्योंकि मैं किसी एक भोजन पर निर्भर नहीं थी, और इन सब को मिश्रित रूप से ले रही रही थी। इन सब जड़ी बूटियों को मिश्रित रूप से लेने के बाद ही मैंने स्तनों के दूध में वृद्धि महसूस की।

इसलिए आपको खुद ही जांचना होगा कि आपके लिए कौन सा आहार ज़्यादा लाभकारी सिद्ध होगा। वास्तव में, गैलेक्टोगॉग्ज (खाद्य पदार्थ जो स्तन दूध की आपूर्ति में वृद्धि करते हैं) की सिफारिश स्तनपान विशेषज्ञ भी करते हैं। लेकिन, फिर भी स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए ऊपर दिए गए किसी लाभकारी आहार को शुरू करने से पहले आपको किसी विशेषज्ञ से राय ज़रूर ले लेनी चाहिए।

इन खाद्य पदार्थों के सेवन के साथ ही आपको यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि शारीरिक और अन्य दूसरों कई कारण की वजह से दूध की आपूर्ति स्वतः ही कम हो जाती है।

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समय जब आपके दूध की आपूर्ति अस्थायी रूप से कम हो जाएगी –

  1. आप जानती ही होंगी कि मासिक धर्म शुरू होने से कुछ समय पहले हार्मोनों में असंतुलन आ जाता है। इस वजह से भी दूध की आपूर्ति में कमी हो जाती है।
  2. अगर आपका बच्चा तेजी से विकास कर रहा है, तो आप उसके भोजन के समय और मात्रा में बदलाव देखेंगी। ऐसे में, या तो आपका शिशु ठीक से स्तनपान करेगा या फिर नहीं। अगर वह ठीक से स्तनपान नहीं करेगा, तो ज़ाहिर है स्तनों के खाली न होने की वजह से आपका शरीर अपने आप ही दूध का उत्पादन कम कर देगा। मैंने पिछले लेख में भी इस बारे में उल्लेख किया था। ऐसे में आपको स्वतः ही स्तनों को खाली करना ज़रूरी है।
  3. अध्ययनों से पता चला है कि जब माता मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) के बाद फिर से काम पर लौटती हैं, तो बच्चे से अलग होने और काम की वजह से होने वाले तनाव के कारण भी स्तनों के दूध की मात्रा में कमी आ जाती है।
  4. स्तनों के दूध में कमी आने की एक वजह टंग टाई, खमीर संक्रमण या ख़राब निपल्स जैसी कुछ मेडिकल समस्याएं भी है।
  5. सिजेरियन के बाद, माताओं को पूरी तरह से ठीक होने के लिए काफी समय की आवश्यकता होती है, इसलिए, स्तनपान करवाने के लिए उन्हें रुकना पड़ता है। स्तनपान नहीं करवाए जाने की वजह से दूध के उत्पादन में कमी आना स्वाभाविक है।
  6. यदि आप स्तनपान करवाने के साथ ही गर्भनिरोधक गोलियां भी ले रहीं है, जिसमें एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन होते हैं, तो भी दूध के उत्पादन में कमी हो सकती है।

क्या आप ने इनमें से कोई भी आहार इस्तेमाल किया है? आप के अनुभव कैसे रहे? क्या आपके पास भी स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए लाभकारी आहार के बारे में कोई और जानकारी है? हमारे पाठकों से ज़रूर बांटें।

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