शिशु के साथ कार में सफर करते वक़्त इन बातों का रखें ख़ास ध्यान

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5 Tips On Travelling With A Baby In A Car
Photo Credit: treehouse1977 via Foter.com / CC BY-SA
Shruti Singh

Shruti Singh

A proud mom to a beautiful little baby girl, learning the art of parenting one day at a time. Experiencing the joys of being a mom for the first time. Excited and anxious about the journey. Takes being a stay-at-home mom as a challenge and there's nothing she would change about it.

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जून का महीना है। बाहर तो मौसम ऐसा है मानों आग बरस रही हो। इस झुलसा देने वाली गर्मी में हर कोई चाहता है कि कुछ दिन ठन्डे पर्यटक स्थलों पर बिताए जाएँ। लेकिन यह यात्रा उस वक़्त थोड़ी कठिन हो जाती है, जब आपको शिशु के साथ कार में सफर करना पड़ता है। क्या साथ लेकर जाएँ और क्या छोड़े, ऐसे अनेकों सवाल बहुत परेशान करते हैं।

नन्हें शिशु के साथ यात्रा करते वक़्त आने वाली मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए, मैं आपसे कुछ सुझाव बांटना चाहूंगी, जिनसे शिशु के साथ सफर करना आपके लिए बेहद सुखमय और आसान हो जाएगा।

अगर आप थोड़े बड़े बच्चे के साथ सफर कर रहीं हो, तो उस वक़्त ज़्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता क्योंकि शिशु आपके इशारों और निर्देशों को समझ सकता है। परन्तु, जब बात एक नवजात शिशु की हो, तो आपको यात्रा से पहले कुछ चीज़ो को खासतौर पर व्यवस्थित करना पड़ता है। इस लेख के माधयम से मैं उन 5 चीज़ों का उल्लेख करुँगी, जिनके इस्तेमाल से शिशु के साथ कार में सफर करते वक़्त किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और आप भी सफर का आनन्द ले पाएंगी।

1कार सीट

अगर आपका शिशु बहुत छोटा है और आप कार से सफर करने वाली हैं, तो एक कार सीट बेहद लाभकारी सिद्ध हो सकती है।

लम्बे सफर के लिए (उदाहरणतः 5 घंटे से लम्बे समय वाले सफर के लिए), एक कार सीट के होने से ना सिर्फ आपका शिशु आरामदेह रहेगा, बल्कि आपको शिशु को पूरा वक़त गोद में उठा कर नहीं रखना पड़ेगा।

ज़ाहिर सी बात है कि अगर आपको शिशु को पूरा सफर अपनी बाहों में उठा कर रखना पड़ेगा, तो आप थक जाएँगी। सुरक्षा की नज़र से भी शिशु को गोद में बिठा कर सफर करना सही नहीं हैं।

अगर आपके पास कार सीट होगी, तो शिशु को कार सीट में बिठा कर, आप भी निश्चिंत हो कर सफर का आनन्द उठा पाएंगी।

ज़रूर पढ़े – क्या आपने सुरक्षित बेबी कार सीट खरीदी है?

2कपड़े

अगर आपने कभी एक शिशु के साथ सफर नहीं किया है, तो आप यह समझ ही नहीं पाएंगी कि पैकिंग कितनी मुश्किल हो सकती है। जब बात शिशु के कपड़ों की आती है, तो जितने आप पैक कर लेती हैं, उतने ही कम लगते हैं।

मेरा सुझाव यह है कि अगर आप 3 दिन के लिए यात्रा कर रहीं हैं, तो कपड़े 7 दिन के लिए पैक करें। ऐसा करने का कारण यह है कि आपको अपने शिशु को आरामदायक महसूस करवाने के लिए दिन में कई बार उसके वस्त्र बदलने पड़ सकते हैं।

इसके साथ ही अगर आप ठन्डे पर्यटन स्थल पर जा रही हैं, तो आपको सुनिश्चित करना पड़ेगा कि आपने थर्मल, लेगिंग, आधी बाजू का स्वेटर, पूरी बाजू का स्वेटर, जैकेट इत्यादि सब रख लिया है।

ऐसा करना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि आप नहीं जानती कि उस स्थान पर कितनी ठण्ड पड़ रही होगी। आपके लिए वहां का मौसम सामान्य या गर्म हो सकता है, परन्तु आपके शिशु के लिए, वह ठंडा हो सकता है। इसलिए पूरी तैयारी से जाना ही बेहतर रहेगा।

3आहार

अगर आप स्तनपान करवाती है, तो यात्रा शुरू होने से पहले, मैं आपको दो सुझाव देना चाहूंगी – स्तनपान करवाने हेतु पैड और एक स्कार्फ़, जिससे आप स्तनपान करवाते समय खुद को और अपने शिशु को ढक पाएं।

अगर आप फार्मूला दूध देती है, तो याद रहें कि आपको शिशु के साथ कार में सफर करते वक़्त सफर में कहीं भी बोतल धोने का और उसे अच्छे से साफ़ करने का मौका शायद न मिल पाए।

कई बार तो होटल में भी यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती। ऐसे में अगर हो सके, तो बोतल साफ़ करने वाला साबुन और ब्रश ज़रूर पैक कर लें।

अगर आप बोतलों को सिर्फ पानी से धोती रहेंगी, तो कुछ समय के बाद उनमें से बदबू आना लाज़मी है। बदबूदार बोतल से शिशु को दूध देना न आपको अच्छा लगेगा और न ही शिशु को।

शिशु के साथ कार में सफर करते वक़्त, अपनी सुविधा के लिए जितनी ज़्यादा बोतलें आप ले जा सकें, ज़रूर ले कर जाएँ।

मैंने भी जब पहली बार अपनी नवजात बेटी के साथ सफर किया था, तो मैंने चार बोतलों के इलावा गर्म पानी की एक थर्मस, बेबी फॉर्मूला, बोतल साफ़ करने के लिए साबुन, सूखे वाइप्स और बोतल की सफाई के लिए ब्रश, सब कुछ पहले से ही रख लिया था।

ज़रूर पढ़े – समीक्षा | मैने अपने नवजात शिशु के लिए पैम्पेर्स बेबी ड्राइ डाइपर को ही क्यों चुना

4डायपर बैग

शिशु के साथ कार में सफर करते वक़्त अगर आप सोचती हैं कि 3 दिन की यात्रा के लिए एक या दो बैग डायपर और इसी मात्रा में वाइप्स के पैकेट बहुत होंगे, तो आप बिलकुल गलत है।

अगर आप शिशु के साथ कार में सफर कर रहीं, तो आपको डायपर की ज़रूरत आम दिनों के मुकाबले ज़्यादा पड़ेगी। वैसे भी सफर में आपको डायपर कई बार बदलना पड़ सकता है।

सिर्फ गीले वाइप्स ही नहीं, आपको गीले वाइप्स इस्तेमाल करने के बाद, शिशु को सूखाने के लिए भी सूखे वाइप्स या किसी कपड़े की ज़रूरत पड़ेगी।

घर में तो हम शिशु को 10 से 15 मिनट बिना डायपर के रख सकते हैं, परन्तु सफर के दौरान ऐसा कर पाना बहुत मुश्किल है।

मेरा सुझाव है कि शिशु के साथ कार में सफर करते वक़्त शिशु की त्वचा को गीले वाइप्स से साफ़ करने के बाद उसे सूखे कपड़े या सूखे वाइप्स से ज़रूर पोंछ दें।

इसके साथ ही, त्वचा पर किसी किस्म का गीलापन या नमी न रहे इसके लिए आप टेलकम पाउडर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। ऐसा करने से शिशु की त्वचा पर गीलेपन की वजह से रैशेस नहीं होंगे।

इन सब के साथ, कुछ खाली लिफाफे डालने मत भूलिएगा। ऐसा करने से आप इस्तेमाल किए गए डायपर, वाइप्स इत्यादि एक जगह एकत्रित कर पाएंगी, और आपको इन्हे बाद में फेंकने में आसानी रहेगी।

5प्राथमिक चिकित्सा किट

शिशु के साथ कार में सफर करने से पहले प्राथमिक चिकित्सा किट (First Aid Kit) रखना ना भूलें, फिर चाहे आप अपने घर के नज़दीक ही क्यों ना हों।

इस प्राथमिक चिकित्सा किट में शिशु के लिए दर्द की दवाई से लेकर बुखार की दवाई तक सब रखें।

मैंने भी जब पहली बार अपनी बेटी के साथ सफर किया था, तो अपनी बेटी की निर्धारित दवाईओं के इलावा कुछ और दवाईयाँ भी रख ली थी।

मामूली खरोंचो के लिए कुछ पट्टियाँ (bandages) रखना ना भूलें।

मेरे इन 5 सुझावों की मदद से आपको अपने शिशु के साथ कार में सफ़र करते वक़्त सहजता महसूस होगी। क्या आपके पास भी कोई ऐसे सुझाव हैं? हमसे ज़रूर बांटिए।

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