आपके बच्चे के लिए सबसे अच्छा फार्मूला दूध कौन सा है?

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चाहे आप आपने शिशु को फार्मूला दूध दे रहीं है या शुरू करने की योजना बना रहीं हैं, दोनों ही हालातों में आप यह जरूर जानना चाहेंगी कि जो भी फार्मूला दूध आप दे रहीं या शुरू करने के बारे में सोच रहीं है, वो आगे चल कर आपके शिशु के लिए कितना लाभकारी होने वाला है।

इस विषय में अपने अनुभवों के आधार पर मैं कुछ सुझाव देने का प्रयास कर रहीं हूँ। उम्मीद करती हूँ कि मेरे यह सुझाव आपको अपने शिशु के लिए सही फार्मूला दूध चुनने में मदद करेंगे।

सबसे पहले आपको यह जानना जरूरी है कि आपका शिशु औसतन वजन की तुलना में कम है या बिल्कुल सही है? इसके साथ ही यह भी जानना जरूरी है कि कहीं आपका बच्चा समय से पहले (42वें हफ्ते से पहले) तो पैदा नहीं हुआ?

यह सब जान लेना इसलिए जरूरी हो जाता है क्योंकि हर परिस्थति के शिशु को दिया जाने वाले फार्मूला दूध अलग-अलग किस्म का होता है। इन फ़ार्मुलों में अतिरिक्त कैलोरी और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं जो बच्चे के वजन को बढ़ाने में मदद करते हैं और उनके विकास की दर को सही रखते हैं। Similac Neosure इसका एक अच्छा उदाहरण है।

इसके बाद, आपको यह पता लगाना होगा कि आपके बच्चे को दूध से या दूध से बनी चीज़ों से कोई एलर्जी तो नहीं है? अगर आपके शिशु को किसी प्रकार की एलर्जी है, तो शिशु को नियमित रूप से गाय के दूध से बना फार्मूला दूध देना उचित नहीं है। इन हालातों में विशेष रूप से तैयार सोया आधारित फार्मूला दूध का प्रयोग किया जाना चाहिए। इन फ़ार्मुलों में किसी किस्म के दूध या दूध से बने उत्पाद का इस्तेमाल नहीं होता है। इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण Similac Isomil फार्मूला दूध है।

जरूर पढ़े – फार्मूला दूध के बारे मे विस्तृत जानकारी

ऐसा ही एक और मामला तब होता है जब आपका बच्चा दूध में पाई जाने वाली चीनी को अच्छी तरह से पचा नहीं सकता। ऐसे बच्चों के लिए विशेष फार्मूला दूध तैयार किये जाते।

गेबर गुड स्टार्ट (Gerber Good Start) इस प्रकार के फार्मूला दूध का एक बेहतरीन उदाहरण है लेकिन दुर्भाग्य से, यह फार्मूला दूध ज्यादातर भारतीय बाजार में उपलब्ध ही नहीं है और अगर कहीं मिलता भी है तो इसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है। अगर आप अमेज़न इंडिया पर देखे तो इसका मूल्य है।

आप अपने बाल रोग विशेषज्ञ से इस फार्मूला दूध के किसी अन्य विकल्प की सलाह ले सकती हैं।

यह फार्मूला दूध विभिन्न चरणों में आते हैं। स्टेज 1 फॉर्मूला 0 से 6 महीने के शिशुओं के लिए है। स्टेज 2 फार्मूला दूध 6 महीने के बाद के लिए है।

इस लिए फार्मूला दूध खरीदने से पहले आप यह निश्चित कर ले कि आपके बच्चे के लिए किस स्टेज का और कौन सा फार्मूला दूध सही साबित रहेगा और उसके अनुसार ही उसे फार्मूला दूध दे।

इसके विपरीत, एक स्वस्थ बच्चे को दूसरे बच्चों के मुकाबले कोई भी फार्मूला दूध दिया जा सकता है। सिमिलैक एडवांस, एनफामिल ए +, नैन प्रो चरण 1, लेक्टोजेन, जैसे अनगिनत विकल्प बाज़ार में उपलब्ध है।

मैंने अपनी बेटी को पहले 6 महीने सिमिलैक स्टेज 1 दिया था और अब मैं उसे इसी ब्रांड का स्टेज 2 फार्मूला दूध दे रहीं हूँ। मेरे लिए सबसे बढ़िया बात यह है कि मेरी बेटी किसी अन्य ब्रांड की तुलना में, इस ब्रांड के फार्मूला दूध को बहुत पसंद करती है।

इन सब महत्वपूर्ण तथ्यों के उल्लेख की प्रमुख वजह, सही फार्मूला दूध चुनने के लिए आवश्यक जानकारी के बारे में जागरूक करना है। ऐसा नहीं है कि आप किसी भी फार्मेसी में जा कर, कोई सा भी फार्मूला दूध चुन कर घर ला सकते हैं और अपने शिशु को पिलाना शुरू कर सकते हैं। जैसे कि मैंने पहले उल्लेख किया था कि हर परिस्थिति के शिशु के लिए विभिन्न प्रकार के फार्मूला दूध होते है। आपको ऊपर बताई गई सुझाव के आधार पर ही किसी एक को चुनना होता है।

जरूर पढ़े – फार्मूला दूध को तैयार और संग्रहित करने की सही विधि

साथ ही, यह भी याद रखने वाली बात है कि प्रत्येक बच्चे कि अलग-अलग फार्मूला दूध के लिए प्रतिक्रिया अलग-अलग होती है।

सिमिलैक एडवांस चुनने से पहले, मैंने कई अन्य ब्रांडों को इस्तेमाल करके देखा था। अन्य सब फार्मूला दूध से मेरी बेटी को कुछ न कुछ तकलीफ या बेचैनी जरूर हुई। इसलिए, सही फार्मूला दूध के चुनाव से पहले, मुझे बहुत से फार्मूला दूध का परीक्षण करना पड़ा था। परन्तु, मैं खुश हूँ कि इतने विश्लेषण करने के बाद ही, मैं एक सही फार्मूला दूध को चुनने में सफल हुई।

अगर फार्मूला दूध देने के बाद आपके बच्चे को किसी भी किस्म की असुविधा होती है, तो उसका शोर मचाना या तंग करना स्वाभाविक है। ऐसे हालत में, फार्मूला दूध जारी रखने से पहले, अपने बाल रोग विशेषज्ञ से संभावित लक्षणों के बारे परामर्श जरूर कर ले।

इसमें कोई शंका नहीं है कि विज्ञान आज तक भी मां के दूध का सही विकल्प नहीं खोज पाई है। जो बहमूल्य चीज़े एक शिशु को अपनी माँके दूध से मिल सकती है, वह किसी भी फार्मूला दूध से प्राप्त नहीं हो सकती। इसलिए, अगर हो सके तो, पूरी तरह से फार्मूला दूध पर निर्भर होने से अच्छा है कि आप अपने शिशु को या तो सिर्फ स्तनपान करवाएं या फिर उसे मिश्रित आहार दे।

जरूर पढ़े – फार्मूला फीड देते समय किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए

हालांकि, मैं यह भी मानती हूँ कि कुछ निश्चित परिस्थितियां ऐसी भी होती हैं, जहाँ माँ को ना चाहते हुए भी फार्मूला दूध पर पूरी तरह निर्भर होना पड़ता है। उन हालतों में अगर आपको अपने बच्चे को फार्मूला देना पड़े, तो इसमें बिल्कुल भी कोई नुकसान नहीं है। जिन बच्चों को केवल फार्मूला दूध पर बड़ा किया जाता है, उनकी वृद्धि पर सामन बच्चों की तरह ही होती है और वह भी एक स्वस्थ और सुखी जीवन व्यतीत करते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि क्या आके (आपके) बच्चे को वांछित पोषक तत्व मिल रहें है या नहीं और कहीं आपके बच्चे को भूखा तो नहीं रहना पड़ रहा?

अगर आपका भी फार्मूला दूध से जुड़ा कोई सवाल हो, तो हमें जरूर बताएँ। हमें जवाब देने में बेहद खुशी होगी।

फार्मूला दूध के बारे में और अधिक जानकारी

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