गर्भावस्था सम्बन्धी कुछ सुझाव – जो शायद आपको कहीं और नहीं मिलेंगे

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Shruti Singh

Shruti Singh

A proud mom to a beautiful little baby girl, learning the art of parenting one day at a time. Experiencing the joys of being a mom for the first time. Excited and anxious about the journey. Takes being a stay-at-home mom as a challenge and there's nothing she would change about it.

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हम सभी जानते हैं कि जब बात गर्भावस्था की और बच्चों के पालन-पोषण की आती है, तो कोई भी हमारी माताओं से बेहतर नहीं जानता। लेकिन समय में परिवर्तन और बेहतर तकनीक के चलते कुछ ऐसी चीज़े भी हैं, जिनका पुराने समय से कोई लेना देना नहीं था और सिर्फ आजकल की माताएं ही जानती हैं।

अगर आप गर्भवती हैं, तो यक़ीनन आपकी माँ ने आपको पहले से ही गर्भावस्था के बारे में बहुत सी जानकारी दे दी होगी। फिर चाहे वह आपको होने वाली थकान हो या सुबह के समय महसूस होने वाला हल्का बुखार, मुझे पता है कि आप इन सब के बारे में पहले से ही जानती हैं। बदलते समय और तकनीक के चलते, इन सब के इलावा भी कुछ ऐसी चीज़े हैं, जो शायद आपकी माता के लिए भी नई हों। आज मैं गर्भावस्था सम्बन्धी कुछ सुझाव आपसे बाँटूगी, जिनके बारे में ज्ञान ना होने की वजह से, शायद आपकी माता भी आपको ना बता पाए।

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Pre Natal Classes

Prenatal Classes, वास्तव में वह कक्षाएँ हैं जिनमें शिशु के जन्म से पहले की सभी ज़रूरी जानकारियाँ दी जाती हैं। पहले के समय की तुलना में आजकल की माताएँ गर्भावस्था के बारे में खुल कर बात करना पसंद करती हैं।

आजकल की भावी माताओं के मन में डिलीवरी के समय होने वाली अत्यंत पीड़ा के बारे में एक खास तरह का डर बना रहता है। Prenatal Classes में आपको गर्भावस्था से लेकर शिशु के जन्म तक के बारे में सभी जानकारी दी जाती है और गर्भावस्था से जुड़ी सभी चिंताओं से कैसे निपटा जाए, यह भी सिखाया जाता है। सबसे महत्वपुर्ण बात यह है कि Prenatal Classes के माध्यम से मिली सभी जानकारियों के कारण आप शिशु को जन्म देने के लिए पूरी तरह से भय मुक्त हो जाती हैं।

Postnatal Classes

जैसे कि नाम से साफ़ ज़ाहिर होता है, यह वह कक्षाएँ है, जिनमे आपको डिलीवरी के बाद आने वाली चुनौतियों से झूझने के लिए तैयार किया जाता है। इन कक्षाओं के माध्यम से आपको बताया जाता है कि कैसे आप डिलीवरी के बाद आपने शिशु का और खासतौर पर अपना ध्यान रख सकती हैं।

इन कक्षाओं में स्तनपान से लेकर डिलीवरी के बाद महसूस होने वाले डिप्रेशन के बारे में तक़रीबन सभी ज़रूरी जानकारियों को शामिल किया जाता है। ऐसी कक्षाओं का भाग बनने का सबसे बड़ा कारण यह होता है कि गर्भावस्था के बहुत से विषय ऐसे होते हैं, जिनके बारे में माताओं की जानकरी बहुत कम होती है और इन कक्षाओं के माध्यम से माताएँ उन सभी विषयों के बारे में अधिक जान पाती हैं।

गर्भावस्था में माताओं को ज़्यादातर परेशानियाँ इसलिए आती हैं क्योंकि वह अपना ठीक से ध्यान नहीं रखती। इस बात के लिए माताओं को भी दोष नहीं दिया जा सकता क्योंकि उनको भी इन सब के बारें में ज़्यादा जानकारी नहीं होती। Pre and Post Natal कक्षाएँ उन विशेषज्ञों द्वारा ही चलाई जाती हैं, जो गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म तक के सभी पहलुओं से वाकिफ़ होते हैं।

अतः, अगर आप भी गर्भवती हैं, तो हमारा आपसे निवेदन है कि आप अपने नज़दीक चल रही Pre and Post Natal कक्षाओं का हिस्सा ज़रूर बनें।

ज़रूर पढ़े – सही शिशु विशेषज्ञ का चुनाव कैसे करे

Postpartum Depression (डिलीवरी के बाद का डिप्रेशन)

इसमें कोई आशंका नहीं कि बहुत सी माताओं को शिशु के जन्म के बाद डिप्रेशन का सामना करना पड़ता है। इसके लिए सभी अनियंत्रित हार्मोनों को ज़िम्मेवार ठहराया जा सकता है । घर की बड़ी औरतों को भी कई बार इसके बारे में कोई जानकारी नहीं होती। अगर नीचे दी गई चीज़ो में से आप के साथ कुछ भी होता है, तो यह बिल्कुल सामान्य बात है :

  1. आपका अपने शिशु के लिए एकदम से प्यार ना उमड़ना
  2. आपको अकेलापन महसूस होना
  3. आप ज़्यादातर खुद को गुस्सा में या चिड़चिड़ा महसूस करें
  4. आपको खानपान में परेशानी हो रही हो
  5. आप रोना चाहती हो या आपकी भावनाएँ आपके काबू में ना हों

जैसा कि मैंने ऊपर बताया, यह सब बदलाव बहुत ही सामान्य हैं, और इनके बारे मैं ज़्यादा चिंतित होने की कोई ज़रूरत नहीं है। फिर भी अगर आपको यह बदलाव तंग कर रहें हों, तो इनका दवाईयों और काउन्सलिंग से इलाज संभव है। आपको अपने डॉक्टर से इस विषय में ज़रूर बात करनी चाहिए।

Gestational Diabetes (गर्भकालीन मधुमेह)

Gestational Diabetes (गर्भकालीन मधुमेह) का मतलब है गर्भावस्था में खून में ग्लूकोज़ की मात्रा का एकाएक बढ़ जाना, फिर चाहे आपको पहले कभी इस समस्या से नहीं गुज़रना पड़ा। बहुत बार यह समस्या बच्चे के जन्म के साथ ही ठीक हो जाती है।

आप इस समस्या से छुटकारा पा सकती हैं बस आपको गर्भावस्था में सतुंलित आहार खा कर अपने वज़न को नियंत्रित रखना है। खून में ग्लूकोज़ की मात्रा ज़रूरत से ज़्यादा न बढ़े, इसलिए बेहतर रहेगा कि आप अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से इस विषय में परामर्श अवश्य करें।

क्या आपने भी Prenatal या Postnatal कक्षाएँ ली थी? आपका इन कक्षाओं के बारे में क्या अनुभव है, हमसे ज़रूर बांटे।

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