क्या गाए का दूध बच्चों के लिए एक सुरक्षित विकल्प है?

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How Safe Is Cow’s Milk For Your Baby
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बिना यह जाने कि क्या गाए का दूध बच्चों के लिए एक सुरक्षित विकल्प है या नहीं, भारतीय सभ्यता में बच्चों को बहुत ही कम उम्र से गाए का दूध पीने को दे दिया जाता है। और कुछ समय बाद, हमें अपनी इस गलती का पछतावा होता है। क्या आप उनमें से एक हैं?

इसके लिए किसी एक शख्स या सभ्यता को दोषी नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि ऐसा सदियों से हो रहा है। मैं निजी तौर पर इंटरनेट की बहुत आभारी हूँ, जिसकी वजह से हमें ऐसे अनेकों सवालों का जवाब घर बैठे ही मिल जाता है। मुझे भी जब अपने शिशु को गाए का दूध देने की सलाह दी गई थी, तो मैंने भी पहले इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी को इकठा करना ज़रूरी समझा। गाए का दूध बच्चों के लिए एक सुरक्षित विकल्प है या नहीं, इस विषय में मुझे जो भी जानकारी मिली, वह मैं आपसे साँझा कर रही हूँ।

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गाय का दूध पाचन क्रिया और स्वत: प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को नुकसान पहुंचा सकता है

मनुष्य को प्रोटीन की जरूरत हमेशा ही होती है और इस बात में कोई दो राय नहीं है। हालांकि, गाय के दूध से मिलने वाला प्रोटीन, स्तनपान से मिलने वाले प्रोटीन से एकदम अलग होता है और गाए के दूध से मिलने वाला प्रोटीन मनुष्य के लिए सही नहीं होता। जब बच्चे को गाए का दूध दिया जाता है, तो इस बात की पूरी संभावना होती है कि उसे बदहज़मी जैसी समस्या होगी। इसके इलावा, गाए का दूध शरीर में अन्य उपयोगी पोषक तत्वों के अवशोषण के असंतुलन और स्वत: प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (autoimmune reaction) को भी प्रभावित कर सकता है।

गाय का दूध गुर्दे से संबंधित समस्याओं का कारण हो सकता है

ज़ाहिर है कि गाय के दूध के माध्यम से शिशु के शरीर में गया अतिरिक्त प्रोटीन, मूत्र से ही बाहर निकलेगा और हम यह भी जानते है कि शिशु के गुर्दे पूरी तरह से कार्यशील होने में कुछ समय लेते हैं अर्थात पूरी तरह से विकसित नहीं होते। अतः, यह न केवल शिशु की मूत्र-विसर्जन प्रणाली को प्रभावित करता है, बल्कि गुर्दे से संबंधित परेशानियां भी उत्पन कर सकता है।

गाय का दूध विकास हार्मोन के समीकरणों को बिगाड़ सकता है

इसमें कोई आशंका नहीं है कि गायों के अनियमित विकास के लिए उन्हें विकास हार्मोन वाले टीके लगाए जाते है। इन टीको की एक और वजह, उनसे मिलने वाले दूध में वृद्धि करना भी होती है। जब हम या हमारे बच्चे इस प्रकार की गाय के दूध का सेवन करते हैं, तो यह हार्मोन हमारे शरीर में भी प्रवेश कर जाते हैं। हमें समझना चाहिए कि हमारे  शरीर को इन हार्मोनस की कोई ज़रूरत नहीं होती।

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फार्मूला दूध गाय के दूध से कहीं ज्यादा बेहतर है

मोटे तौर पर अगर कहूं, तो बाजार में उपलब्ध फार्मूला दूध में फिर भी कुछ मात्रा में वह पोषक तत्व होते हैं, जो शिशु को स्तनपान से मिलते हैं।

परन्तु, गाए के दूध में ऐसे किसी भी तत्व की कल्पना करना ही बेकार है। पोषक तत्वों की उपस्थिति के आधार पर, गाय का दूध फार्मूला फीड के मुकाबले एक प्रतिशत भी बढ़िया नहीं होता।

गाय के दूध में आयरन की बहुत कमी होती है

हम जानतें है कि आयरन शरीर की वृद्धि के लिए कितना ज़रूरी है। जहां गायों के दूध को प्रोटीन से भरपूर समझा जाता है, वहीं गाए के दूध में आयरन (iron) की मात्रा बहुत ही न्यूनतम होती है। गाय के दूध में आयरन की जो मात्रा पाई जाती है, वह हमारे शरीर की ज़रूरत के मुकाबले बहुत कम होती है।

गाय का दूध निर्जलीकरण और दूध से होने वाली एलर्जी का कारण बन सकता है

गाय का दूध शिशुओं में निर्जलीकरण (dehydration) का कारण होता है गाय के दूध से आपके बच्चे को कई तरह की एलर्जी हो सकती है, जैसे कि नाक का बहना, सांस फूलना या सांस ठीक से न ले पाना, रैशेस और यहां तक कि कान के संक्रमण भी। गायों के दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन की वजह से हुई एलर्जी के कारण शिशु के शौच में खून आने जैसे समस्याएं भी हो सकती है।

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इन सब बातों को जानने के बाद मेरा अनुभव कहता है कि शिशु को (कम-से-कम एक साल तक) गाए का दूध बिल्कुल नहीं दिया जाना चाहिए।

  1. यदि संभव हो तो शिशु को स्तनपान ही करवाएं या फार्मूला दूध दें। मैं मानती हूँ कि फार्मूला मिल्क एक महंगा विकल्प है और हर किसी के बजट में फिट नहीं बैठता। परन्तु, सभी फार्मूला मिल्क के ब्रांड महंगे नहीं होते। कुछ सस्ते पर बढ़िया विकल्प भी उपलब्ध है। ज़्यादा जानकारी के लिए हमारा फार्मूला मिल्क सम्बन्धी लेख ज़रूर पढ़े।
  2. कई सभ्यताओं में देखा जाता है कि लोग मवेशिओं (गायों) को घर में पालते हैं। ऐसे में वह मवेशिओं को उत्तम आहार भी देते हैं। अगर आप अपने शिशु को घर की गाए का दूध देना चाहते है, तो मेरा सुझाव है कि ऐसा करने से पहले अपने शिशु के एक साल का होने की प्रतीक्षा ज़रूर करें।
  3. गाय के दूध से बेहतर है कि शिशु को दही दिया जाए। दही में न सिर्फ दूध से ज़्यादा कैल्शियम होता है, बल्कि इसमें शरीर के लिए लाभकारी बैक्टीरिया भी होता है। इसके साथ ही, दही को पचा पाना शिशु के लिए मुश्किल भी नहीं होता।

क्या आप मेरे द्वारा दी गई जानकारी से सहमत हैं? आपके शिशु को गाए का दूध दिए जाने के बारे में क्या सुझाव हैं? क्या आपके शिशु ने भी गाए की दूध की वजह से कोई परेशानी झेली थी? हमें ज़रूर बताएं। अगर इस सम्बन्ध में आपके कोई प्रश्न हों, तो अन्य पाठकों की तरह हमारे विशेषज्ञों से ज़रूर पूछें।

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