स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए क्या किया जाए

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Photo Credit: Harald Groven via Foter.com / CC BY-SA
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स्तनपान करवाने वाली माँ होने के नाते, मेरा अक्सर एक ही प्रश्न होता था कि क्या मेरे शिशु को पर्याप्त दूध मिल भी रहा है या नहीं? कुछ समय तक, मुझे इस सवाल ने काफी पेरशान रखा। लेकिन फिर मैं समझ गई कि स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए मुझे कौन सी चीज़े करनी है और कौन सी नहीं। यह यकीनी बनाने के लिए कि मेरे शिशु को पूरा दूध मिले, मैंने हर वह संभव प्रयास किया जिससे मेरे स्तनों में दूध की वृद्धि हो सके। उन्ही में से कुछ उपाय, इस लेख के माध्यम से, मैं आपसे बांटना चाहूंगी।

स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए आप क्या कर सकती हैं, यह जानने से पहले, मैं आपको बताना चाहूंगी कि बच्चे के जन्म के ठीक बाद आपका शरीर दूध का उत्पादन नहीं करता, बल्कि 2 या 3 दिन के बाद ही आपके स्तनों में दूध बनना शुरू होता है। कोलस्ट्रैम अर्थात पीले रंग का गाढ़ा तरल, जो शुरू में बाहर आता है, वह आपके बच्चे के लिए दूध के मुकाबले में ज्यादा महत्वपूर्ण है। स्तनपान के इलावा, इसे दिया जाना भी उतना ही ज़रूरी होता है।

महत्वपूर्ण सुझाव – जन्म के तुरंत बाद अगर दूध न आए, तो भी आपको स्तनपान नहीं रोकना चाहिए। कुछ दिनों तक प्रतीक्षा करें क्योंकि एक दम से स्तनपान रोकने पर आप निश्चित तौर से स्तनपान नहीं करवा पाएंगी अर्थात फिर दूध बनेगा ही नहीं। अगर आप दूध की आपूर्ति को लेकर चिंतित हो रही है, तो आपको मेरे इन सुझावों से काफी लाभ होगा।

1. पम्प, पम्प, पम्प

यदि आपने हमारे पिछले लेख पढ़े हैं, तो आप अब तक आप समझ ही गई होंगी कि स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए आपको स्तनों को खाली रखना कितना आवश्यक है। आपको समझाना होगा कि अन्य चीज़ों की तरह, स्तन का दूध भी मांग और पूर्ति के नियम पर ही चलता है अर्थात आपका शरीर मांग के मुताबिक ही दूध पैदा करता है। जितना ज़्यादा आप स्तनों को खाली करेंगी, उतना ही आपका शरीर स्तनों को वापस भरने के लिए दूध उत्पादित करेगा।

ऐसा करने के लिए बहुत ही सरल सा उपाय है। यदि आप अपने बच्चे को एक बार सिर्फ एक ही स्तन से स्तनपान करवाती हैं, तो उसी समय किसी मैनुअल या इलेक्ट्रिक स्तन पंप का उपयोग करके, दूसरे स्तन को भी खाली कर लें अर्थात उसमें से दूध निकाल लें। इस तरह आपके दोनों स्तन खाली हो जाएंगे और आपके शरीर को फिर से दूध बनाने का संकेत मिल जाएगा।

ज़रूर पढ़े – माँ के दूध को सही ढंग से कैसे संग्रहित करें

2. अधिक बार स्तनपान करवाएं

जैसा कि मैंने ऊपर कहा, जितना अधिक आप स्तनों को खाली करेंगे, उतना ही आपके दूध की आपूर्ति होगी। कई बार, अपने आराम के लिए, स्तनपान के बजाय, बच्चों को फार्मूला दूध दे देते हैं। पर ऐसे करते वक़्त यह भूल जाते है कि हम जाने-अनजाने में अपने शरीर को दूध न बनाए जाने के संकेत दे रहें है क्योंकि हमनें स्तनों को खाली नहीं किया है।

जब आप रोज़ाना यही करने लगती है, तो आपका शरीर पर्याप्त दूध बनाना बंद कर देता है।

फार्मूला दूध देने में कोई समस्या नहीं है, परन्तु ऐसा करते वक़्त यह हमेशा ध्यान रखें कि जितनी बार आपने शिशु को फार्मूला दूध दिया उतनी ही बार आपने उसे स्तनपान नहीं करवाया। यही नहीं, बल्कि उतनी ही बार आपने स्तनों को खाली भी नहीं किया। ऐसा करके ना आपने स्तनों को खाली किया, और न शरीर ने और दूध का उत्पादन किया। इसलिए अगर आप स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए सच में चिंताजनक है, तो बेहतर रहेगा कि जितनी बार हो सके उतनी बार स्तनपान ज़रूर करवाएं

3. सुनिश्चित करें कि आप थकी हुई नहीं है

मानो या न मानो, कई कारक हैं जो माँ के दूध की आपूर्ति को प्रभावित करते हैं। यदि आप थकी हुई, तनावग्रस्त, दुखी, या उदास हैं, तो संभावना है कि इन सब चीज़ों का आपकी दूध की आपूर्ति पर असर पड़ेगा। अगर आप स्तनपान करवाने वाली मां हैं, तो आपके लिए पर्याप्त आराम करना और पूरी तरह से स्वस्थ होना बेहद ज़रूरी है।

मुझे पता है कि एक नई माँ के लिए यह मुश्किल हो सकता है, लेकिन यह असंभव नहीं है। आपका संतुलित भोजन खाना और खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त तरल पदार्थ लेना बहुत ज़रूरी है। आप खुद का जितना ख्याल रखेंगे, उतना ही आप अपने दूध की आपूर्ति में परिवर्तन देखेंगे।

4. चुसनी और बोतलों के उपयोग से बचें

आप बच्चे को चुसनी या बोतलों की जितनी ज़्यादा आदत डालेंगे, उतना ही वह इन सब चीज़ों का आदि हो जाएगा। चुसनी और बोतलों को इस्तेमाल करने से सबसे बड़ी समस्या यह पैदा होती है कि इनको चूसने में शिशु को कोई खास प्रयास नहीं करना पड़ता। जबकि स्तनपान में ऐसा नहीं होता और स्तनपान के दौरान बच्चे को दूध बाहर निकालने के लिए काफी प्रयास करना पड़ता है।

ऐसे में, जब शिशु को चुसनी या बोतल जैसी किसी आसानी से चूसी जा सकने वाली चीज़ की आदत पड़ जाती है, तो ज़ाहिर है कि वह स्तनपान में लगने वाली मेहनत से बचने के लिए वह स्तनपान में रूचि ही नहीं दिखाएगा।

लगातार स्तनपान न करने की वजह से शिशु में स्तनपान करने अर्थात स्तनों को चूसने की असमर्थता भी बढ़ जाएगी। इसी वजह से आपके स्तन खाली नहीं होंगे और आपका शरीर अधिक मात्रा में दूध नहीं बनाएगा।

ज़रूर पढ़े – क्या आपका बच्चा चुसनी का आदी हो गया है?

उम्मीद करती हूँ कि स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए मेरे द्वारा बताई गई बातें आपको सही लगी होंगी। इसके साथ ही मैं आपसे निवेदन करना चाहूंगी कि हमारी वेबसाइट का हिस्सा बनें क्योंकि आगे चलकर मैं कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बात करूंगी, जो मैंने इस्तेमाल किए थे और जिनसे मुझे स्तनों में दूध बढ़ाने में काफी मदद मिली।

क्या आप भी स्तनों में दूध बढ़ाने जैसी समस्या से झूझ रही हैं? क्या आप भी पर्याप्त दूध नहीं बना पा रहीं हैं? अब तक आप कौन सी तकनीकें लगा चुकी हैं? अगर इस सन्दर्भ में आपके भी कोई प्रश्न हैं, तो हमसे ज़रूर पूंछे। हमें आपकी मदद करने में बेहद ख़ुशी होगी।

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