6 से 8 महीने तक के बच्चों को करवाए जाने वाले खेलों के बारे में

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Shruti Singh

Shruti Singh

A proud mom to a beautiful little baby girl, learning the art of parenting one day at a time. Experiencing the joys of being a mom for the first time. Excited and anxious about the journey. Takes being a stay-at-home mom as a challenge and there’s nothing she would change about it.

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अपने शिशु के पैदा होने के कुछ ही दिनों के बाद आप उन सब खेलों और गतिविधयों के बारे में सोचने लगते हैं, जिनसे आपको लगता है कि आपका बच्चा तेज़ दिमाग वाला और बुद्धिमान बन पाएगा। मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था। मैंने भी माँ बनने के कुछ दिन बाद यह सोचना शुरू कर दिए था कि मुझे ऐसे कौन-कौन से खेल और गतिविधियां अपने बच्चे को करवाने हैं, जिनसे उसकी दिमागी क्षमता का सही विकास हो सके। इसमें कोई दो राय नहीं कि 6 से 8 महीने के बच्चों के खेल, अन्य बच्चों के मुकाबले थोड़े अलग होते हैं। इस लेख के माध्यम से मैं आपको 6 से 8 महीने तक के बच्चों को करवाए जाने वाले खेलों के बारे में बात करना चाहूंगी। इस आयु वर्ग में बच्चों के दिमाग बहुत सक्रिय होते हैं। आप थोड़े से प्रयास से उनके दिमागी विकास को एक अविश्वसनीय तरीके से बढ़ा सकते हैं। इनमें से कुछ खेल और गतिविधियां, आपका शिशु अकेला ही कर सकता है, परन्तु कुछ के लिए उसको आपकी निगरानी की पूरी आवश्यकता होगी।

1नाम बुलाना

यह एक ऐसी गतिविधि थी, जिसे मैं अपने शिशु के साथ नियमित रूप से करती थी। जब वह बहुत छोटी थी, तो मैं उसके पास लेट कर, धीरे से उसके बाएं कान में उसका नाम पुकारती थी।

जैसे ही वह आवाज़ की दिशा में मुड़ने का प्रयास करती थी, तो मैं अपनी दिशा बदल लेती थी और दाएं कान में फिर से उसका नाम बुलाती थी।

इस तरह करने से आपका शिशु आवाज़ के बदले में दी गई प्रतिक्रियाओं में अपनी मांसपेशियों का उपयोग करना शुरू कर देगा और उसमें चीज़ों (जैसे आपकी आवाज़ इत्यादि) को पहचान पाने की भावना विकसित होगी।

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2लुका-छिपी (पिक-ए-बू)

शिशु के लिए शुरुआती महीनों में उसके माता-पिता के चेहरे से बेहतर कोई भी अन्य चीज़ नहीं है।

वह हर पल अपने माता-पिता को अपने आस-पास देखना चाहता है। ऐसे में लुका-छिपी के खेल से बढ़िया कुछ नहीं हैं।

जितना अधिक आपका बच्चा पिक-ए-बू का जवाब देता है, उतना ही आपका बच्चा संज्ञानात्मक विकास में प्रगति करता है।

3स्नान के समय खेल

जब मैं अपने शिशु को नहलाने लगती हूँ, तो बाथ टब में, कुछ छोटे प्लास्टिक के कंटेनर या पानी के खिलौने डाल देती हूँ।

जब मैं कंटेनरों का उपयोग करती हूँ, तो मैं उन कंटेनरों को पानी से भर देती हूँ, और मेरा शिशु वही पानी खुद पर डाल लेता है।

जब कभी मैं खिलौने का उपयोग करती हूँ, तो मैं प्रयास करती हूँ कि ऐसे खिलौनों का इस्तेमाल करूँ, जो न सिर्फ पानी में तैरें, बल्कि मिलती-जुलती आवाज़ भी निकालें। उदाहरण के तौर पर बतख।

इससे शिशु जान पाता है कि कौन सा पक्षी / पशु कैसी ध्वनि करता है।

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4गेंद पकड़ाना

यह एक बहुत ही आसान सा खेल है। लेकिन फिर भी शिशु के हाथ और आँख के समन्वय के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

बस एक बड़ी सॉफ्ट गेंद लें, इतनी बड़ी न हो कि शिशु पकड़ न पाए, और इतनी छोटी भी न हो कि निगल जाने का खतरा हो और फर्श पर अपने बच्चे से कुछ इंच दूर बैठें।

फिर इस गेंद को उसकी और फेंक दें और उसे वापस फेंकने के लिए कहें।

यद्यपि आपका बच्चा इस बात को समझने में कुछ समय ले सकता है, लेकिन समय के साथ उसकी सजगता उसे गेंद को वापिस आपकी और फेंकने के लिए प्रेरित करेगी।

5बनावट महसूस करवाना

अलग-अलग चीज़ों की बनावट महसूस करना भी 6 से 8 महीने के बच्चों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण खेल है। शिशुओं में बेहतरीन स्पर्श के भाव को विकसित करना बहुत महत्वपूर्ण है।

ऐसा करने के लिए अपने बच्चे को एक स्पंज या पानी की गेंद या कोई एक नाज़ुक सी कंघी दे और उसे उन चीज़ो को छू कर उनकी बनावट के फर्क को समझने दें। इनमें से कोई भी चीज़ बच्चा मुंह में न डाल ले, इस विषय में सावधान रहें।

जब आप अपने बच्चे को यह वस्तुएं खेलने के लिए देंगी, तो आप यह जानकर हैरान हो जाएंगी कि इन सब वस्तुओं को पाकर आपका शिशु कितना हैरान और आनंदित हो जाएगा और कुछ मिनटों तक निश्चित रूप से व्यस्त रहेगा।

इस प्रकार की गतिविधियों और खेल की कोई कमी नहीं है जो आप अपने शिशु के साथ खेल सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह सुनिश्चित करना है कि आप अपने बच्चे के साथ जितना भी खेल सकते हैं, उतना ज़रूर खेलें। इससे आपके शिशु का न केवल संज्ञानात्मक विकास होगा, बल्कि वह चीज़ों को जल्दी ही समझने भी लगेगा।

आपने अपने शिशु के साथ कौन सी खेलें या गतिविधियां की थी? क्या आपके पास ऊपर सुझाई गई खेलों में से कोई अन्य खेल है? कृपया हमारे पाठकों से जरूर बांटें।

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