9 महीने के शिशु के स्वास्थ्य और विकास के बारे में

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Simranjit Kaur

Simranjit Kaur

Mother of one, Master of Education with specialization in child-psychology. Putting my qualifications into practice. After becoming mother, I met with real me. I am now learning new concepts of parenting every fresh day. Putting away childish ways to make room for my child's ways. Trying my level best to be a best mom.

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उम्मीद है अब तक आप जान गएँ होंगे कि शिशु के जीवन का पहला वर्ष उसके विकास, खासतौर पर मस्तिष्क के विकास में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नौवें महीने में, आप शिशु को भोजन चबाते हुए देखेंगे। आप उसे आस-पास की चीजों की छान-बीन करता हुआ पाएंगे। कभी-कभी, आप शिशु को बिना कारण चिंतित भी पाएंगे। नौवें महीने में आप उसमें ऐसे अनेकों मानसिक और शारीरिक बदलावों की उम्मीद कर सकते हैं। आइए हम 9 महीने के शिशु के स्वास्थ्य और विकास के बारे में अधिक जानें।

1शारीरिक विकास

नौवें महीने में, आप अपने शिशु में शारीरिक और मनोवैज्ञानिक दोनों तरह के परिवर्तनों को देखेंगे। इस महीने में आप अपने शिशु में अनेकों हैरान करने वाले बदलाव देखेंगे। आप देखेंगे कुर्सी कि कैसे आपका नन्हा सा शिशु बहुत ज़्यादा सक्रिय हो गया है और बिस्तर के किनारों का सहारा लेकर घर के चारों ओर हलचल करता हुआ खड़े होने का पुरज़ोर प्रयास कर रहा है।

आप देखेंगे कि कैसे आपका शिशु अपने हाथों का उपयोग करके खड़े होने की कोशिश करने लगेगा और इसके साथ ही आप उससे कुछ नए शब्दों के उच्चारण की भी उम्मीद कर सकते हैं।

दरवाजे के खुलने पर, अगर शिशु दरवाजे पर खड़े व्यक्ति को पहचानता है, तो वह उस व्यक्ति को उसे गोद में उठाने का संकेत देगा। नौवें महीने में, आप अपने शिशु को बिना सहारे के कुर्सी पर बैठने और बिना कठिनाई के उतरने की उम्मीद कर सकते हैं।

कुछ शिशु, थोड़ी अवधि के लिए खड़े होने के बाद, रोना शुरू कर देते हैं। वह इसलिए रोते हैं क्योंकि उन्होंने उठना तो सीख लिया है, लेकिन उन्हें अकेले बैठना नहीं आता। ऐसे में अगर आप शिशु की मदद करेंगे, तो वह एक बार बैठने के बाद, फिर से खेलना शुरू कर देगा।

WHO के अनुसार, 9 महीने की उम्र मे, लड़कों का औसत वजन 7.2 – 10.9 किलोग्राम के बीच होता है, जबकि लड़कियों का औसतन वजन 6.6 – 10.4 किलोग्राम तक होता है।

ऊंचाई की बात की जाए तो, 9 महीने के लड़के की औसतन ऊंचाई 67.7 – 76.2 सेंटीमीटर हो सकती है, जबकि इस उम्र मे लड़कियों की औसतन ऊंचाई 65.6 – 74.7 सेंटीमीटर के बीच होती है।

जरूर पढ़े – 7 महीने के शिशु के स्वास्थ्य और विकास के बारे में

2नींद

नौवें महीने में, आपके शिशु की नींद और बढ़ जाएगी। इस उम्र में, एक बच्चा सामान्यतः 10-12 घंटे बिना किसी रुकावट के सोता रहेगा। पिछले महीनों के विपरीत, नौवें महीने में बच्चा परिवार में जागने वाला पहला व्यक्ति नहीं रहता।

आप यह भी देखेंगे कि अब आपको उसे सुलाने में पहले की तुलना में ज़्यादा प्रयास नहीं करना पड़ता और वह आराम से सो जाता हैं।

कृपया ध्यान रखें कि इस उम्र में शिशु के बिस्तर पर बहुत ज़्यादा चादरें इत्यादि न हो। नौं महीने का बच्चा सोते वक़्त बहुत करवटें लेता हैं। कहीं ऐसा न हो कि वह बिस्तर और चादरों में उलझ जाए और कोई अप्रिय दुर्घटना हो जाए जैसे कि सांस न लेना पाना।

मेरे मामले में, मैं अपने शिशु के लिए एक बेडशीट और एक कम्बल ही इस्तेमाल करती थी। वह बिना उठे ज़्यादा देर तक सो पाए, इसलिए मैं उसे बिस्तर पर लिटाने से पहले पजामा इत्यादि पहना देती थी, जिससे वह आरामदायक महसूस करती थी।

पिछले महीनों की तुलना में, नौवें महीने में आप देखेंगे कि आपका बच्चा नींद से जागने के बाद बहुत खुश और सक्रिय होगा। दिन के दौरान, नींद की अवधि में कमी आ जाती है। कुछ शिशु दिन के दौरान दो से तीन बार सो लेते हैं, जबकि अन्य सिर्फ एक बार ही सोते हैं।

3बातचीत

नौवें महीने में, आपके शिशु की चीज़ों और घटनाओं को याद रखने की क्षमता पूरी तरह कार्यात्मक होगी। उसे न केवल यह याद रहता है कि उसके खिलौने कहां हैं, बल्कि वह उन खिलौनों के साथ खेले गए खेल भी याद रहतें हैं। इसके साथ ही वह उन खेलों की नक़ल कर में भी सक्षम हो जाता है। परन्तु, वह कुछ समय पुरानी गतिविधियों को ही याद रख पाता है। दो या तीन साल का होने के बाद ही, उसकी याददाश्त ज़्यादा पुरानी चीज़ों को याद रख पाने में सक्षम हो जाएगी।

नौवें महीने में, एक बच्चा उन सभी शब्दों को बोलने की कोशिश करता है, जो उसने अपने शुरुआती महीनों में सुने होते हैं। ऐसा करते वक़्त, वह कई बार उच्चारण में गलती कर बैठता है। उसके गलत उच्चारण को सही करने के बजाय, आप खुद उस शब्द का सही उच्चारण करें। इससे शिशु न केवल सही उच्चारण सीख लेगा, बल्कि प्रोत्साहित भी होगा।

जब मेरी बेटी नौ महीने की थी, तब मैं जो भी कर रही होती थी, उसे हमेशा बताती रहती थी। उदाहरण के लिए, जब मैं दोपहर का खाना बना रही होती थी, तो मैं उसे कहती थी कि, अब दोपहर के भोजन बनाने का समय हो गया है। ऐसे ही, खाने के बाद बर्तन धोते वक़्त भी मैं उसे कहती थी कि अब बर्तन धो देते हैं, इत्यादि। अब वो पांच वर्ष की हो गई है, और अभी से घर के छोटे-छोटे कामों में मेरी मदद करने लगी है, जैसे कि कपड़े तह करना, कमरे में बेडशीट को ठीक करना, और अपने खिलौनों को समेटना।

4आहार विविधीकरण

नौवें महीने में भी दूध को ही बुनियादी भोजन गिना जाता है। आपको चाहिए कि सुबह आप अपने शिशु को जो दूध दे, उसमे कुछ न मिलाएं। शाम के दूध में, आप इसके साथ अनाज, फलों या सब्जियों जैसी कुछ चीज़ों को जोड़ सकतें हैं।

नौवें महीने में, मैं अपनी बेटी को मसले हुए आलू, गाजर, सेब, केला, पनीर, दही, दलिया, सूप, चावल और अतिरिक्त प्रोटीन के लिए अंडे का इस्तेमाल करती थी।

मैं यह भी कहना चाहूंगी कि मैंने इस उम्र में अपनी बेटी को कई खाद्य-पदार्थ जैसे कि स्ट्रॉबेरी, अंगूर, और किशमिश इत्यादि से दूर रखा था। ये खाद्य पदार्थ न केवल एलर्जी का कारण बनते हैं, इनका शिशु द्वारा निगल जाने जैसी दुर्घटनाओं का खतरा भी बना ही रहता है।

जरूर पढ़े – आहार विविधीकरण – जानिये बच्चे की आहार में विविधता कैसे लाएं

5माता-पिता के लिए कुछ सुझाव

  1. अपने शिशु के वजन पर नज़र रखें। आपका बाल रोग विशेषज्ञ यह बताने के लिए सबसे अच्छा व्यक्ति है कि कहीं आपके शिशु का वज़न ज़रूरत से ज़्यादा तो नहीं है और अगर है, तो क्या उसे वजन कम करना पड़ेगा।
  2. अपनी निगरानी में अपने शिशु को खड़े होने, घर में घूमने और चीज़ों को टटोलने की पूरी आज़ादी दे।
  3. नौवें महीने से ही आपको अपने बच्चों को “नहीं” शब्द का पालन करना सीखाना होता है। आपको उसे समझाना होता है कि “नहीं” का मतलब हर हाल में ना है।
  4. नौवें महीने में, आपको अपने शिशु के शुरुआती क़दमों में सहायता करनी चाहिए। उसके हाथों को पकड़ कर, उसके पहले क़दमों को आसान बनाने में उसकी सहायता करनी चाहिए।
  5. इस अवधि के दौरान बहुत लंबी यात्राओं से बचना चाहिए क्योंकि पर्यावरण में परिवर्तन असुविधाओं का कारण बन सकता है।
  6. चूंकि अब आपका बच्चा बहुत ज़्यादा गतिशील है, तो सभी दवाओं या जहरीले पदार्थों को उसकी पहुंच से दूर रखें।
  7. इसके अलावा, आवश्यक टीकाकरण के बारे में भी आपको खास ध्यान रखना है। 

जब आपका बच्चा 9 महीने का था, तो आपने शिशु में क्या दिलचस्प या असामान्य देखा था? हमें ज़रूर बताएं। आपके अनुभव जानकार हमको अच्छा लगेगा।

शिशु के स्वास्थ्य और विकास की और अधिक जानकारी

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