12 महीने के शिशु के स्वास्थ्य और विकास के बारे में

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Simranjit Kaur

Simranjit Kaur

Mother of one, Master of Education with specialization in child-psychology. Putting my qualifications into practice. After becoming mother, I met with real me. I am now learning new concepts of parenting every fresh day. Putting away childish ways to make room for my child’s ways. Trying my level best to be a best mom.

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एक 12 महीने का शिशु बिना मदद के अपना पहला कदम लेने में समर्थ हो जाता है। इस उम्र में आपके शिशु के खान-पान और आहार-प्रणाली में भी परिवर्तन होगा। इस महीने के अंत तक, आप अपने शिशु के आहार में कुछ और नए ठोस खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं। जहाँ तक बातचीत का प्रश्न है, आप देखेंगे कि कैसे आपके शिशु की शब्दावली में तेजी से विकास हो रहा है। इसके अलावा, यह आपके शिशु के पहले जन्मदिन का भी समय होता है। आइए हम 12 महीने के शिशु के स्वास्थ्य और विकास के बारे में अधिक जानें।

1शारीरिक विकास

12 महीने के शिशु में, आप बहुत सारे शारीरिक परिवर्तन देखेंगे। जैसा कि मैंने कहा, यह वह महीना है, जब आपका शिशु खुद से कदम उठाने की कोशिश करने लगता है। शुरुआती चरणों में आपका शिशु खुद से कदम उठाने में संकोच करेगा और उसके लिए यह एक जंग जैसा होगा। परन्तु, कुछ ही समय बाद, जैसे ही वह पहला कदम उठा पाने में समर्थ हो जाएगा, वह इसमें आनंद लेने लगेगा। शुरुआत में, वह अपनी उंगलियों पर चलने का प्रयास करता है और पैरों को अंदर को मोड़ कर चलता है। इस वजह से, वह अपने संतुलन को बहुत लंबे समय तक बनाए नहीं रख पाता और ना ही ज़्यादा देर चल पाता है।

12 महीने के शिशु में, चीज़ों को पकड़ने को लेकर एक अद्धभुत बदलाव देखेंगे। इस उम्र तक आपका शिशु चीज़ों को पकड़ने, फेंकने, धकेलने इत्यादि में समर्थ हो जाता है। यदि आप शिशु से किसी खिलौने की मांग करते है, तो शुरू में वह खिलौना आपकी और बढ़ा देता है, लेकिन फिर झट से उस खिलौने को आपसे वापिस भी ले लेता है।

12 महीने के शिशु में आपको ऊर्जा और मांसपेशी शक्ति में एक अविश्वसनीय सुधार का अनुभव करने के कई अवसर मिलेंगें। क्योंकि अब आपका शिशु एक बहुत गतिशील हो जाता है, तो आपको चौकसी बढ़ानी पड़ती है और आपको हर पल सावधान रहना पड़ता है।

11वे महीने की तरह, इस महीने भी, आप देखेंगे कि आप से अलग होने पर शिशु व्याकुलता के संकेत दिखाएगा। इसलिए, सबसे बढ़िया उपाय यही होता है कि आप उसे वह करने दें, जो वह करना चाहता है। आपको उस पर सिर्फ नज़र रखनी होती है। जब तक आपको किसी खतरे का अंदेशा न हो, उसकी मदद के लिए आगे न जाएँ । उसे अपनी निगरानी में नई चीज़ों के साथ खेलने दें। जैसा कि मैंने अपने पिछले लेख में वर्णित किया है, उसे गिरने न दें क्योंकि इस उम्र में भी उसके नितम्भ नाज़ुक होते हैं और गिरने की वजह से गंभीर चोट लग सकती है।

12 महीने के शिशु के व्यक्तित्व में बहुत सारे नए बदलाव देखेंगे। इस महीने तक, आप देखेंगे कि वह अपनी इच्छाओं को व्यक्त करने में काफी निपुण हो जाएगा। आप कई अवसरों पर “नहीं” सुनेंगे।

इस उम्र में, बैठक में पड़ा मेज़ उसका नया खिलौना बन जाता है। इस उम्र में अपने शिशु को अनुशासन सिखाते समय थोड़ा धैर्य और विनम्रता दिखाएं। 12 महीने के शिशु से खाते समय अच्छे व्यवहार की उम्मीद न करें क्योंकि इस उम्र में वे भोजन के साथ खेलना चाहते हैं और भोजन को अपने हाथों से महसूस करना चाहते हैं।

WHO के अनुसार, 12 महीने की उम्र मे, लड़कों का औसत वजन 7.8- 11.8 किलोग्राम के बीच होता है, जबकि लड़कियों का औसतन वजन 7.1 – 11.3 किलोग्राम तक होता है।

ऊंचाई की बात की जाए तो, 12 महीने के लड़के की औसतन ऊंचाई 71.3 – 80.2 सेंटीमीटर हो सकती है, जबकि इस उम्र मे लड़कियों की औसतन ऊंचाई 69.2 – 78.9 सेंटीमीटर के बीच होती है।

जरूर पढ़े – 11 महीने के शिशु के स्वास्थ्य और विकास के बारे में

2नींद

जब तक आपका शिशु उम्र के इस पड़ाव तक (12 महीने) पहुंचता है, उसकी नींद और सोने के के तरीके में भारी परिवर्तन आ जाता है। कुछ शिशु इस उम्र में सोने को लेकर अपना प्रतिरोध दिखाने लगते हैं। उन्हें लगता है कि अभी भी बहुत सी ऐसे चीज़े हैं जिनको उन्हें तलाशना है, और उन्हें सो कर अपना कीमती समय व्यर्थ नहीं करना है।

ऐसे में सबसे बढ़िया उपाय है, आप उसकी नींद के लिए एक दिनचर्या स्थापित कर दें और उसका निरंतर पालन करें। इस दिनचर्या में सोने से पहले स्नान या/और कहानी सुनाने जैसे गतिविधियों को शामिल कर सकते हैं।

मेरे मामले में, मैं अपनी बेटी को स्नान करवा कर, उसे एक आरामदायक पोशाक जैसे कि कुर्ता-पायजामा पहनाती थी, और उसे कहानी सुनाती थी।

इस रूटीन में स्थिरता बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। आप जो भी गतिविधि करते हैं, उसको करने की श्रृंखला को किसी भी कीमत पर टूटने न दें। अगर ज़रूरी लगे, तो अपने साथी की मदद ले सकतें हैं।

3बातचीत

12 महीने के शिशु से, शब्दावली और उच्चारण पर नियंत्रण की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए। कोई आश्चर्य नहीं, वह स्पष्ट रूप से “माँ” और “पिता” जैसे बड़े शब्दों का सफाई से उच्चारण नहीं कर पाता, पर वह कई अन्य शब्दों का वाक्यों में उच्चारण करना सीख जाता है।

मैंने कई ऐसे माता-पिता देखें हैं, जिनका मानना है कि विदेशी भाषा को सिखाने के लिए 12 महीने की उम्र सही उम्र है। वास्तव में, उनका ऐसा करना ही उनके शिशु के लिए एक भाषा को सीख पाने की मुश्किलें बढ़ा देता है और वह ढंग से अपनी मातृभाषा भी सीख नहीं पाते। विशेषज्ञों के अनुसार, शुरआत में शिशु को मातृभाषा से शुरू करने दें। मातृभाषा पर पकड़ बनने के बाद किसी विदेशी भाषा का अभ्यास शुरू करवाना चाहिए।

व्यवहार के लिए, आप “कृपया” और “धन्यवाद” जैसे शब्दों से शुरू कर सकते हैं। निस्संदेह, एक 12 महीने का शिशु इन दो शब्दों के अर्थ को समझने योग्य नहीं होता, लेकिन इन शब्दों के लगातार अभ्यास के बाद वह शीघ्र ही इन दो बहुत महत्वपूर्ण शब्दों को सीख जाता है।

इस उम्र में आपको शिशु को उसके आसपास मौजूद चीज़ों को उनके नाम से समझाना शुरू कर देना चाहिए। इसके लिए, आप जब भी उसे कोई संबंधित वस्तु दिखाएं, उस वस्तु को नाम से संभोधित करें।

4आहार विविधीकरण

इस उम्र में आपको अपने शिशु के आहार में उन खाद्य पदार्थों को भी शामिल कर लेना चाहिए, जिनको पहले उसकी आहार सूची से प्रतिरक्षा या पाचन तंत्र के कारण दूर रखा गया था। किसी भी आहार को शुरू करने से पहले, आपको एक बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श ज़रुरु कर लेना चाहिए। इसके साथ ही आपको यह भी सुनिश्चित करना होता है कि कही आपके शिशु को किसी खाद्य पदार्थ से कोई एलर्जी तो नहीं है।

यदि आप भोजन असहिष्णुता या एलर्जी के किसी भी प्रकार के लक्षण देखते हैं, तो बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श कर उस भोजन को छोड़ दें। अगर आपका शिशु अभी तक दूध की बोतल लेता है, तो 12 महीने का होने पर इसे छोड़ने की सलाह दी जाती है। 12 महीने के शिशु के आहार में आप आलू, कद्दू, ककड़ी, चुकंदर, गाजर या फूलगोभी जैसी सब्ज़ियों को शामिल कर सकते हैं।

इसके अलावा, आप उसे सेब, केले, आड़ू आदि जैसे फल पूरी तरह से मसल के दे सकते हैं। इस उम्र में शिशु कई बार भोजन को निगल लेते हैं, इसलिए निगलने की वजह से सांस घुटने जैसी घटनाओं से बचने के लिए अंगूर जैसे फलों को न दें। इसके अलावा, किसी भी मसालेदार भोजन को भी अभी शामिल न करें।

भोजन में नमक की सीमा के बारे में बहुत सावधान रहें क्योंकि अधिक नमक उच्च रक्तचाप की घटना को बढ़ावा देता है। इस समय, आपको चीनी की मात्रा को भी सीमित करना होगा। 12 महीने के शिशु को चीनी, शहद, जैम, कैंडी, केक जैसे भोजन कम-से-कम दें क्योंकि ये दंत क्षय (डेंटल कैविटीज़) का प्रमुख कारण होते हैं।

5माता-पिता के लिए सुझाव

  1. एक 12 महीने का शिशु आपके द्वारा की गई हर गतिविधि को बहुत ध्यान से देखता है और उसकी नक़ल करने की पूरी कोशिश करता है। इसलिए आपको चाहिए कि आप कुछ भी ऐसा न करें, जो आप चाहती है कि आपका शिशु न दोहराए।
  2. दांतों के विशेषज्ञ से अपने 12 महीने के शिशु के दांतों की जांच के लिए समय लेना न भूलें।
  3. अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो हमारा निवेदन है कि शिशु की उपस्थिति में न करें। आपके ऐसा करने से बच्चों में श्वसन संक्रमण, अस्थमा, कान संक्रमण, जैसी समस्याओं के खतरे में वृद्धि होती है।
  4. प्रत्येक भोजन से पहले और बाद में अपने हाथ धोने की आदत बनाने की कोशिश करें। आपको ऐसा करता देख कर आपका शिशु भी इस आदत को शुरू से ही अपना लेगा।
  5. अगर आपके घर में सीढियाँ है, तो हमारी सलाह है कि उन पर सुरक्षा द्वार लगा दें।
  6. इसके अलावा, आवश्यक टीकाकरण के बारे में भी आपको खास ध्यान रखना है। 

जब आपका शिशु 12 महीने का था, तो आपने उसमे क्या दिलचस्प या असामान्य देखा था? हमसे ज़रूर बांटिए। हमारे पाठकों को जानकार अच्छा लगेगा

शिशु के स्वास्थ्य और विकास की और अधिक जानकारी

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